बरसात सर्द मौसम की...
बरसात सर्द मौसम की...
1 min
778
बारिश की बौछार धरती को भिगो गई
पर सर्द मौसम में कितनों को दुःख दे गई
सड़क ही जिनका घर है आकाश है चादर
उन्हें सर्द मौसम में ठिठुरन और दे गई
इस कड़कड़ाती ठंड में कहां छुपाएं वे खुद को
ओढ़ने को भी तो नहीं कोई देता गर्म दुशाला उनको
बस आंख में भी उनकी इक बरसात की झड़ी दे गई
किसान की मेहनत पर पानी फेर गई
ये सर्द मौसम की बरसात इक कसक सी मन में भर गई।
