बरसात सर्द मौसम की...
बरसात सर्द मौसम की...
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बारिश की बौछार धरती को भिगो गई
पर सर्द मौसम में कितनों को दुःख दे गई
सड़क ही जिनका घर है आकाश है चादर
उन्हें सर्द मौसम में ठिठुरन और दे गई
इस कड़कड़ाती ठंड में कहां छुपाएं वे खुद को
ओढ़ने को भी तो नहीं कोई देता गर्म दुशाला उनको
बस आंख में भी उनकी इक बरसात की झड़ी दे गई
किसान की मेहनत पर पानी फेर गई
ये सर्द मौसम की बरसात इक कसक सी मन में भर गई।
