STORYMIRROR

Awadhesh Uttrakhandi

Others

2  

Awadhesh Uttrakhandi

Others

भरत महान

भरत महान

1 min
261

नन्हा सा बालक वो

खेलता था सिंह से जो,

शौर्य का रस रंग छलका हो

भरत बनकर , धरा को अपने

भारत कहलाये वो।

जीवन जिसका वीरों सा

युद्ध में रणधीरो का

साहस उसमे भरा हुआ था

बचपन से वीर धीरो सा।

दया में दानबीर था

पृथ्वी का सूरबीर था

नाम था भरत जिसका ,वो

ऐसा सिंह विजय वीर था।।


Rate this content
Log in