STORYMIRROR

आलोक कौशिक

Others

3  

आलोक कौशिक

Others

बहन

बहन

1 min
266

दिखती है जिसमें 

मां की प्रतिच्छवि 

वह कोई और नहीं 

होती है बान्धवि।


जानती है पढ़ना 

भ्राता का अंतर्मन 

अंतर्यामी होती है 

ममतामयी बहन।


है जीवन धरा पर 

जब तक है वेगिनी 

उत्सवों में उल्लास 

भर देती है भगिनी।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन