बचपन
बचपन
बचपन तुम कहीं खो ना जाना
अपना कहा वादा निभाना
जिस मक़ाम पर हर बेगाना।
अपना लगे वो रिश्ता निभाना
बचपन तुम कहीं खो ना जाना।
रिश्ते सभी निभाते हो तुम
कौन अपना कौन बेगाना
बचपन कहीं तुम खो ना जाना।
सपने तुम्हारे सीमित हैं
कामकाज की फ़िक्र नहीं है
कौन ना चाहे तुम को अपनाना
बचपन कहीं तुम खो ना जाना।
ना फ़िक्र होती तुम्हें
ना किसी के झगड़े में आना
बचपन तुम कहीं खो ना जाना।
ईर्ष्या द्वेष जैसे विकार कहांँ
कहांँ फ़िक्र हो आब-ओ-दाना
अपना कहा तुम वादा निभाना
बचपन तुम कहीं खो ना जाना।
कामकाज की चिंता नहीं है
वक़्त पर वो तेरा स्कूल जाना
बचपन तुम अपना वादा निभाना
बचपन कहीं तुम खो ना जाना।
