STORYMIRROR

Teesha Mehta

Others

2  

Teesha Mehta

Others

बचपन की यारी

बचपन की यारी

1 min
523

बचपन की यारी खूब है प्यारी,

दिल चाहता दो पल जरा

बचपन को रोक पाती। 

जिन्दगी की खुली किताब में, 

खुद को पढ़ पाती। 

न दिखते वो पल फिर से जो कुछ खास है, 

बचपन की यादे सबके पास है। 

बचपन की आदतों का गजब है वास्ता, 

न होते हम किसी पर निर्भर,

उन आदतों का अनोखा है रास्ता। 

यारो की यारी पर फ़िदा है

हमारी हुस्न जीत की, 

दो पल की बाते,

देखो कितनी खास है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन