STORYMIRROR

Kawaljeet GILL

Others

3  

Kawaljeet GILL

Others

बचपन के साथी

बचपन के साथी

1 min
310

बचपन के वो साथी 

बचपन का वो याराना

भूले से भी ना भूले हम

हर पल याद हमे आते है


वो तेरा हाथ पकड़ कर

हमको स्कूल ले जाना

ओ माँ ओ पापा 

याद हमको आज भी


बचपन की वो शरारतें

वो आपस मे लड़ना

ये जगह मेरी है 

कहकर लड़ना और 

रूठ जाना दोस्तों से


कभी कभी किसी खास

दोस्त की जगह की 

ख़ातिर भी लड़ लेते थे

वो अगर लेट हो जाता


कहाँ थी तब समझ कि

ये बेंच तो स्कूल के है

हम जिनको अपना अपना

कहकर आपस में लड़ते थे


ये कहा सुनी का सिलसिला

चलता रहा यू ही जब तक 

हम समझदार ना हुए

अब तो बस ये यादें वो 

शरारतें ही हँसा देती है



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन