बारिश का मजा
बारिश का मजा
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रिमझिम सी बारिश की बूँदे
मेरे मन को बहकाती है
ऐसे भीगे मौसम मे
कुछ यादें ताजा हो जाती है
बचपन के वो प्यारे दिन
कागज़ की कश्ती थोडा़ सा पानी
डूबी कश्ती तो जोर से हँसना
छींके मारते बारिश मे भीगना
बचपन के वो प्यारे दिन
कुछ बडे़ हुए तो चाय की चुस्की
गपशप करना छतरी मे
आधा भीगना आधा बचना
छपछप करना बारिश मे
चाय की वो मीठी चुस्की
आज का आलम क्या बताये
हाथो मे हाथ तुम्हारा है
मौसम का लुफ्त उठाना है
आज पुरानी यादों मे
ये नया किस्सा जुड़ जाना है
आज फिर बारिश मे छपछप कर
हमे चाय का लुफ्त उठाना है ।।
