अंश
अंश
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तू मेरा अंश नहीं
पर मेरी हर आहात पर हरकत करता है तू
खून का रिश्ता नहीं हमारा
फिर भी एक अनोखे बंधन का एहसास है
तेरी खिलखिलाती हँसी
दिन भर की थकन भुला देती है
तेरे साथ बच्चे बन जाते हैं हम भी
दुनियां जैसे भुला ही देते हैं
तेरी माँ न सही
पर माँ बनने का एहसास दिलाया तूने
शायद कुछ समय बाद याद भी न रहूँ
पर अभी के पल ज़न्दगी का आहम हिस्सा बन चुके हैं
यूँ ही खुश रहे हमेशा तू
इसी दुआ में हाथ उठेंगे हमारे
तू मेरा अंश नहीं
पर मेरी हर आहट पर हरकत करता है तू
