अंश
अंश
1 min
297
तू मेरा अंश नहीं
पर मेरी हर आहात पर हरकत करता है तू
खून का रिश्ता नहीं हमारा
फिर भी एक अनोखे बंधन का एहसास है
तेरी खिलखिलाती हँसी
दिन भर की थकन भुला देती है
तेरे साथ बच्चे बन जाते हैं हम भी
दुनियां जैसे भुला ही देते हैं
तेरी माँ न सही
पर माँ बनने का एहसास दिलाया तूने
शायद कुछ समय बाद याद भी न रहूँ
पर अभी के पल ज़न्दगी का आहम हिस्सा बन चुके हैं
यूँ ही खुश रहे हमेशा तू
इसी दुआ में हाथ उठेंगे हमारे
तू मेरा अंश नहीं
पर मेरी हर आहट पर हरकत करता है तू
