अनकहे रिश्ते
अनकहे रिश्ते
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अनकहे, अनजान रिश्ते
मौन, मासूम, कदरदान रिश्ते।
खून के भी रिश्तों से प्रगाढ़,
नाज़ुक है पर इसके तार।
नैनों से हो इज़हार,
हृदय में है प्रेम अपार।
बेनाम रिश्ते, अनाम रिश्ते,
अनकहे, अनजान रिश्ते।
जो निभा जाते हैं वफ़ा ,
अपनों की तरह हो ना खफा।
झूठ नहीं सच्चा करते हैं वादा,
अपनेपन की यही पहचान रिश्ते।
अनकहे, अनजान रिश्ते।
