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Neena Ghai

Others

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Neena Ghai

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अधूरा तू अधूरी मैं

अधूरा तू अधूरी मैं

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ममता की चादर अगर तेरी थी

तो वही चादर आधी मेरी भी थी

अगर एक रोटी तेरी थी

तो वही रोटी आधी मेरी भी थी।


अगर एक छत के तले तू पनपा था

तो उसी छत के आधे हिस्से मैं भी पनपी थी।

अगर एक आँख से तेरे लिए मोती गिरा था

तो दूसरी आँख मेरे लिए भी नम थी।


अगर ममता की गोद में तू लेटा था

तो उसी ममता के आंचल ने मुझे भी छांव दी थी l

अगर चाँद तारो की दुनिया के सपने तूने देखे थे

तो उन्ही चाँद तारो की परियों के सपने मेरे भी थे।


ये वही बचपन था जिसे हमने

आधा आधा जिया था

मैं भी उसी पेड़ की डाली हूँ,

जिस पेड़ का अब तूं तना है।


ये अलग बात है कि उस पेड़ की

जड़ों से थोड़ा दूर हूँ

और तू उस पेड़ की जड़ों से

मज़बूती से जुड़ा है।


पर वह तेरा पेड़ आज भी

मुझ से ही चहकता है l

तभी तो इस पेड़ को आज भी

हसरत भरी निगाहों से देखते हैं।

   

ममता की चादर अगर तेरी थी

तो वही चादर आधी मेरी भी थी l 


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