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Madhu Vashishta

Children Stories Inspirational

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Madhu Vashishta

Children Stories Inspirational

अच्छा बच्चा।

अच्छा बच्चा।

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सूरज दादा प्यारे दादा बहुत रोशनी बिखराते हो।

मम्मी ने था बाहर बिठाया मोबाइल लेकर था मैं आया।

इतनी रोशनी कर दी तुमने मैं तो कुछ भी पढ़ ना पाया।

सूरज दादा प्यारे दादा बहुत रोशनी बिखराते हो।


प्यारे बच्चे अच्छे बच्चे मेरी रोशनी से ही तुम कैल्शियम पाते हो।

हड्डियां तुम्हारी मजबूत हो जाती।

खेलने की शक्ति तुम पाते हो।

फिर भी तुम शिकायतें करते हो।

देखो कैसी आदतें धरते हो।

मोबाइल के शब्द जो ना दिखे तो सारा आरोप मुझ पर रखते हो।

ऐसा ही तो मम्मी से करते हो बिना वजह ही उनसे लड़ते हो

सारा काम करती है तुम्हारा फिर भी उन पर अनजाने दोष मढते हो।

अपनी आदत छोड़ कर देखो जो कुछ मिला है तुम्हें उसे ध्यान से देखो।

धन्यवाद औरों को करते हो कभी अपने माता-पिता से भी बोल कर देखो।

चुन्नू को तब कुछ समझ में आया परमात्मा को धन्यवाद कर सिर झुकाया।

क्या-क्या मिला है उसे इन सब बातों पर ध्यान लगाया।

उसके बदले रूप पर मम्मी भी हैरान हो गई अरे हमारे घर में कितना प्यारा बच्चा आया।


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