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Ajay Prasad

Others

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Ajay Prasad

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आत्म कथा

आत्म कथा

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हमने तो सूखे हुए समंदर देखें हैं

क्या क्या खौफनाक मंज़र देखें हैं

ठूंठ दरख्तों पर उजड़े हुए घोसलें

इन्क़लाब करते हुए बन्दर देखें हैं


मखमली बिस्तर पे बेचैन अमीर

और फक्कड़ मस्त कलंदर देखें हैं

फ़र्श से अर्श, ज़र्रे से आफताब बन

मिट्टी में मिलते हुए धुरंधर देखें हैं


चकाचौंध महलों में सुनसान रिश्ते

घनिष्टता झोपड़ियों के अन्दर देखें हैं

दिल में रहेंगे मगर साथ घर में नहीं

हमने अजय ऐसे भी सितमगर देखें हैं



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