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Brajendranath Mishra

Others

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Brajendranath Mishra

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आओ बनाये हम अपना घर

आओ बनाये हम अपना घर

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ये मेरा घर, ये तेरा घर,

आओ बनाएं इसे हमारा घर।


चलो ले कर चाभी खोले घर अपना

आओ बच्चे साकार करें एक सपना।


तेरी किलकारियाँ गूंजेंगी घर अंगना,

खनकेगा सजनी के हाथों का कंगना।


छत की मुंडेर पर, धूप उतरेगी

छलकेगा कलश, गैया रंभायेगी।


शाम से पहले धूप अरगनी पर टँगेगी,

चाँदनी आंगन को रजत रंग रंगेगी।


छत - आंगन भींगे, बूँदे अब बरसेंगी

मन में आनंद भरे, धरा अब सरसेगी।


प्रेम से आप्लावित, सींचित कर,

आओ बनाये हम अपना घर।

आओ बनाये हम अपना घर।



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