STORYMIRROR

Jalpa lalani 'Zoya'

Others

4  

Jalpa lalani 'Zoya'

Others

आँख मिचौली

आँख मिचौली

1 min
357

मैं खेलूँ रात के संग आँख मिचौली

चाँद सितारों के साथ बनाकर टोली


जैसे रात लगती मेरी बिछड़ी सहेली

भरती है सुहाने सपनों से मेरी झोली


ज़िन्दगी मेरी बन जाती ऐसी सुरीली

ख़्वाबों में सजाती मैं यादों की डोली


दिल के दर पर रचाती मैं रंगों से रंगोली

कभी बिना नींद ऐसे ही रात गुजार देती


कभी लोरी गाकर गोदी में मुझे वो सुलाती

सुबह मेरी आँख पर पट्टी बांध चली जाती।


Rate this content
Log in