एक मंजिल की तलाश में कुछ दूर चला आया हूँ मैं! एक मंजिल की तलाश में कुछ दूर चला आया हूँ मैं!
थोड़ा बेचैन हूँ मैं,ज़रा सी प्यास मन में है।लौट कर गांव से अपने,सपनों के शहर में आया हूँ। थोड़ा बेचैन हूँ मैं,ज़रा सी प्यास मन में है।लौट कर गांव से अपने,सपनों के शहर में आ...
ज़िन्दगी जीना एक होड़ के सामान है जिसमें पीछे रह जाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है । पुरुषार्थ इसी म... ज़िन्दगी जीना एक होड़ के सामान है जिसमें पीछे रह जाने वालों के लिए कोई जगह नहीं ...
कुछ रिश्तों में आग, कुछ ज़ख्मों के दाग, और ये ज़िंदगी का बेसुरा र... कुछ रिश्तों में आग, कुछ ज़ख्मों के दाग, और ये...
उपरोक्त कविता में एक लड़की और एक तिल्ली की तुलना की गई है। मेरा यह मनना है कि कहीं ना कही एक लड़की और ... उपरोक्त कविता में एक लड़की और एक तिल्ली की तुलना की गई है। मेरा यह मनना है कि कही...
नन्ही नन्ही कदमें जब आंगन में चलती है, कभी पायल की रुनझुन यूँ कानो में पड़ती है, वो बचपन की किलकार... नन्ही नन्ही कदमें जब आंगन में चलती है, कभी पायल की रुनझुन यूँ कानो में पड़ती है...