24. आपका बचपन
24. आपका बचपन
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बचपन कितना सुहाना था
उसका भी एक फसाना था
पिता के कंधे पर कभी-कभी
मां के आंचल में छिप जाना था
मिट्टी के खिलौने से खेलना
सखियों का साथ मस्ताना था
पतंग के पीछे कभी भागना
तितलियों के संग दौड़ना था
परछाई के संग चलना
कभी बारिश में भीगना था
सच कहे है ये सपना
दिन हसीन थे बताना था
