24. आपका बचपन
24. आपका बचपन
1 min
325
बचपन कितना सुहाना था
उसका भी एक फसाना था
पिता के कंधे पर कभी-कभी
मां के आंचल में छिप जाना था
मिट्टी के खिलौने से खेलना
सखियों का साथ मस्ताना था
पतंग के पीछे कभी भागना
तितलियों के संग दौड़ना था
परछाई के संग चलना
कभी बारिश में भीगना था
सच कहे है ये सपना
दिन हसीन थे बताना था
