कभी जब तुम हो अपनों के बीच होती फिर भी किसी की तलाश। कभी जब तुम हो अपनों के बीच होती फिर भी किसी की तलाश।
ऐसी शुरुआत हमारी न थी अंत सुधरने को है इधर आ जाइए। ऐसी शुरुआत हमारी न थी अंत सुधरने को है इधर आ जाइए।
मिल बैठते थे अपने दोस्तों संग अपनी अकेली जिंदगानी में सो गए। मिल बैठते थे अपने दोस्तों संग अपनी अकेली जिंदगानी में सो गए।
दरम्यान हमारे शक क्यों है दो दिलों के बीच डर क्यों हैं। दरम्यान हमारे शक क्यों है दो दिलों के बीच डर क्यों हैं।
मुमकिन नहीं होती मुलाक़ात उनसे हरदम मगर अपनों की हमेशा ख़ैर खबर रखते हैं। मुमकिन नहीं होती मुलाक़ात उनसे हरदम मगर अपनों की हमेशा ख़ैर खबर रखते हैं।
सिर्फ एक विचार का अभाव है सिर्फ एक विचार का अभाव है