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mahendra dewangan Mati

Fantasy

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mahendra dewangan Mati

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उगता सूरज

उगता सूरज

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उगता सूरज बोल रहा है, जागो मेरे प्यारे

आलस छोड़ो आँखे खोलो, दुनिया कितने न्यारे

कार्य करो तुम नेक हमेशा, कभी नहीं दुख देना

सबको अपना ही मानो अब, रिश्वत कभी न लेना

ढलता सूरज का संदेशा, जानो मेरे भाई

करता है जो काम गलत तो, शामत उसकी आई

कड़ी मेहनत दिनभर करके, बिस्तर पर अब जाओ

होगा नया सवेरा फिर से, गीत खुशी के गाओ

उगता सूरज ढलता सूरज, बतलाती है नानी

ऊँच नीच जीवन में आता, सबकी यही कहानी।


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