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Haripal Singh Rawat (पथिक)

  Literary Captain

गरीब बचपन

Abstract

रो रो हँसते, निश्चल मन को जो मैंने पढ़कर देखा आज तप्त सड़क पर , फिर बचपन को धूँ-ध...

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घनघोर गगन

Others

तरु पर्णों पर गुंजित बूंदें, व्योम दरक भी आँखें मूंदे, मरु, धरा संग खेले कुछ यूँ, याद दिलाय...

1    4 0

भाव और तुम

Others

उकेर लूँ, कागज़ पर, जो तू आए, ख़्वाबों में ए ख़्याल।

1    23 0

परवरिश

Tragedy

इंसाँ...इंसाँ से नफ़रत करे,

1    24 0

विश्वकप

Drama

वीर-सूरमा कहलाएंगे, तिरंगा फहरायेंगे।

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बस्ते का परिमाण

Others

बचपन बह जाता न जाने, कब अहं की धार में,

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गठबंधन

Abstract

प्रेम से तृप्त, दक्ख़न-उत्तर मिलन गठबंधन !

1    91 0

ख़्वाब

Drama

या यूँ कहूँ तो बस ख्वाब।

1    24 0

पौधा

Classics

बन गया न जाने कब पौधा, विशाल पेड़, हर्षाया सा।

1    295 0

पैसा

Others

बिके धर्म, जमीर अरु तन, कहीं मूल, राष्ट्र अमूर्त अनंत,

1    322 0

मतदान

Inspirational

मत कर! मतकर, कर मत तू, मत का यूँ अपमान। मत है। तेरा मत ही है...., जनसत्ता का आधार।

1    31 0

फुरसत

Abstract

न कोई हमदर्द हुआ, न दिल को राहत हुई।

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इत्तफ़ाक

Drama

ना इत्तफ़ाकन... इत्तफ़ाक से।

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तिरंगी कफ़न

Inspirational

असहनीय, दर्द से भरा हुआ था, धरा से...आखिरी मिलन मेरा। मेरे रक्त से...

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रचना

Inspirational

रचना को कल्पना पटल से, कागज पर उकेरना...

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