Writer, choriographer, motivational Speaker
एक ख्वाहिश थी मन में, कुछ फुर्सत के पल जीने की , बहुत लम्बे समय जो अवसर की तलाश में थीं। अब जब बात श... एक ख्वाहिश थी मन में, कुछ फुर्सत के पल जीने की , बहुत लम्बे समय जो अवसर की तलाश ...
राह में तूझे थकना नहीं हैं। चलना है तूझे, रुकना नहीं है। राह में तूझे थकना नहीं हैं। चलना है तूझे, रुकना नहीं है।
नारी की रक्षा का प्रहरी, सुरक्षित भारत अब कहाँ हैं नारी की रक्षा का प्रहरी, सुरक्षित भारत अब कहाँ हैं
एक परिदृश्य फैला है, कहर का, जिसमें जीवन जैसे रुक सा गया है ! एक परिदृश्य फैला है, कहर का, जिसमें जीवन जैसे रुक सा गया है !
जब आजादी का यह पर्व पहली बार आया 15 अगस्त जब पहली बार आया। जब आजादी का यह पर्व पहली बार आया 15 अगस्त जब पहली बार आया।
मन के आलिंगन सा रूप था, कोमल भावनाओं का पुंज था! मन के आलिंगन सा रूप था, कोमल भावनाओं का पुंज था!
शर्म आती हैं आज मुझे मानव को मानव कहने में शर्म आती हैं आज मुझे मानव को मानव कहने में
झेलती रही कठिनाइयों को, कभी हमारे सामने रोई नहीं दुनियां में माँ जैसा कोई नहीं।। झेलती रही कठिनाइयों को, कभी हमारे सामने रोई नहीं दुनियां में माँ जैसा कोई ...
फिर भी चलता है, हार नहीं मानता शहर के फुटपाथ पर पलने वाला भिखारी।। फिर भी चलता है, हार नहीं मानता शहर के फुटपाथ पर पलने वाला भिखारी।।
होगी पूरी दिल की हर आरजू तेरी, जमाना सिर झुकायेगा। होगी पूरी दिल की हर आरजू तेरी, जमाना सिर झुकायेगा।