मैं एक अबोध बालक आप सबको ससम्मान वंदन करता हूँ । आपके सानिध्य में लेखन सीखने का प्रयास करता हूँ मैं कुछ खास तौर पर अपनी पहचान बनाने के लिए नहीं लिखता अपितु अपने ह्रदय से उठती प्रभु ऊर्जा को ही शब्दों में अंकित कर रहा हूँ ॐ ॐ ॐ
रागिनी का वैसे तो कोई व्यक्तिगत पुरुष मित्र था नहीं रागिनी का वैसे तो कोई व्यक्तिगत पुरुष मित्र था नहीं
हम फिर से उसकी मोहिनी में खो गए हम फिर से उसकी मोहिनी में खो गए
वो स्त्री तुरन्त पिघल गई वो यही तो चाहती थी। वो स्त्री तुरन्त पिघल गई वो यही तो चाहती थी।
उपर वाले ने उसको फुर्सत से बनाया था सच में वो किसी राजकुमारी से कम नहीं थी उपर वाले ने उसको फुर्सत से बनाया था सच में वो किसी राजकुमारी से कम नहीं थी
वो स्लो पोइजन का शिकार थी , घर में सिर्फ दो प्राणी वो और उसका पति। वो स्लो पोइजन का शिकार थी , घर में सिर्फ दो प्राणी वो और उसका पति।
संघर्ष की बदौलत हम सभी भाई बहन एक स्तम्भ के जैसे इस समाज में स्थापित हुए है। संघर्ष की बदौलत हम सभी भाई बहन एक स्तम्भ के जैसे इस समाज में स्थापित हुए है।
अध्यक्ष महोदय ने मुझे घर आकर बधाई दी बोले तुम अब ज्योतिष कार्यालय और खोल लो। अध्यक्ष महोदय ने मुझे घर आकर बधाई दी बोले तुम अब ज्योतिष कार्यालय और खोल लो।
ऐसी बिमारी से इन्सान अपने जीवन मे उभर नही सकता ।दिखने में सामान्य लेकिन अन्दर ज्वाला। ऐसी बिमारी से इन्सान अपने जीवन मे उभर नही सकता ।दिखने में सामान्य लेकिन अन्दर ज्...
मैं तबसे एक दम नार्मल इंसान नो लिकिंग नो बेड वेटिंग आल लव आल लव सिर्फ। मैं तबसे एक दम नार्मल इंसान नो लिकिंग नो बेड वेटिंग आल लव आल लव सिर्फ।
अगले दिन स्कूल में म्यूजिक का इंटरनल कॉम्पिटिशन था अगले दिन स्कूल में म्यूजिक का इंटरनल कॉम्पिटिशन था