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सुबह हो गयी हैं सब जगने लगें हैं। सुबह के फूल भी खिलने लगें हैं।। सुबह हो गयी हैं सब जगने लगें हैं। सुबह के फूल भी खिलने लगें हैं।।
तुम्हारे शहर में हम शायर बन कर आयेंगे। अपनी अपबीती सबको सुना जायेंगे।। तुम्हारे शहर में हम शायर बन कर आयेंगे। अपनी अपबीती सबको सुना जायेंगे।...
दिखलाता हुँ एक गांव की सर्दी एक माँ चार बजे उठकर। दिखलाता हुँ एक गांव की सर्दी एक माँ चार बजे उठकर।
हमको जगा कर खुद गहरी नींद में सो गये। हमको जगा कर खुद गहरी नींद में सो गये।
गीत बनकर उनके दिल में रह जाऊंगा। भूले भटके जब जाओगे तो याद आऊंगा।। गीत बनकर उनके दिल में रह जाऊंगा। भूले भटके जब जाओगे तो याद आऊंगा।।
काटने को फीता खुद ही अपनी कैची साथ लाते हैं।। काटने को फीता खुद ही अपनी कैची साथ लाते हैं।।
मेरे बचपन की यादें मेरे दिल में घर करने लग जाती है।। मेरे बचपन की यादें मेरे दिल में घर करने लग जाती है।।
मेरे सपनों की खातिर खर्च भी ले लेता है, ऐसा मेरा पालनहारा जिसका मैं राज दुलारा। मेरे सपनों की खातिर खर्च भी ले लेता है, ऐसा मेरा पालनहारा जिसका मैं राज दुला...
मेरे जैसे जाने कितनों के जीवन में ऐसी कहानियां घर करती जा रही थी। मेरे जैसे जाने कितनों के जीवन में ऐसी कहानियां घर करती जा रही थी।
टॉपियों सा था मेरा प्यारा बचपन। सच्चा भोला हंसता खिलखिलता ऐसा था दर्पण।। टॉपियों सा था मेरा प्यारा बचपन। सच्चा भोला हंसता खिलखिलता ऐसा था दर...