साहेब तुम बहुत याद आते हो
साहेब तुम बहुत याद आते हो
जीना हमको सीखा गये।
सोती नींद से हमें जगा गये।।
मरें इंसानों को लड़ना सीखा गये।
देकर संविधान सबको अधिकार बता गये।
आंखें भर आती हैं दिल में उतर जाते हो।
साहेब तुम बहुत याद आते हो।।
हमको जगा कर खुद गहरी नींद में सो गये।
गहरी नींद देख तुम्हारी पत्थर दिल भी रो गये।।
आंखों में छाए रहते हो दिल में समय रहते हो।।
आंखें भर आती है दिल में उतर जाते हो।
साहेब तुम बहुत याद आते हो।।
पढ़ते देख अपने बच्चों को तुम्हारा
पढ़ने का अधिकार याद आता है।
अंतरिक्ष जाकर देश का सम्मान बढ़ाने
वाली लड़कियों का अधिकार याद आता है।।
आंखें भर आती है दिल में उतर जाते हो।।
साहेब तुम बहुत याद आते हो।।
जब देखता हूं तुम्हारे ज्ञान का
परचम विदेश में भी लहराता है।
उठो, पढ़ो, कलाम की ताकत समझो।।
यह तुम्हारा ज्ञान हमें समझाता है।
आंखें भर जाती हैं दिल में उतर जाते हो।
साहेब तुम बहुत याद आते हो।।
