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वृक्ष तप्त सुगंध प्राजक्त मोती ग्रीष्म दडवल सांज जीव धरा उन्ह धारा माती अंकूर छाटणी तगवा रेशीमझेला पोटात आठवण अपार

Marathi काहिली Poems