तोता तोती
तोता तोती
एक बार की बात है। एक जंगल में तोता तोती का जोड़ा रहता था। वो दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे। वो जहा भी जाते साथ जाते साथ जाते। साथ खाते, साथ पीते, साथ मे ही उड़ते भी थे।जंगल के सभी जानवरों को पता था कि दोनों तोता तोती एक दूसरे से प्यार करते है। और हमेशा साथ रहते है।
लेकिन एक दिन जंगल में कुछ शिकारी आए । वो तोता पकडने वाले शिकारी थे। जो पैसे के लिए तोते को पकड़ के पिंजरे में बंद करके लोगों को बेच देते थे।
दुर्भाग्य से प्रेमी तोता तोती की जोडी भी उनके द्वारा पकडी गई । लेकिन तोता किसी तरह भागने में सफल रहा और उड़ के दूर चला गया। मगर तोती बेचारी पकडी गई। शिकारी उसे पिंजरे में कैद करके अपने साथ शहर ले गए।
तोता भी उनके पीछे पीछे शहर पहुच गया। वो तोती को पिंजरे से आजाद करना चाहता था लेकिन ये काम आसान नहीं था। क्योंकि शिकारी भी साथ ही बैठे थे। शिकारी तोती को लेके जहां जहा जाते ।तोता भी उनके पीछे जाता इस उम्मीद में कि मौका मिलते ही उसे आजाद करा लेगा।
उन शिकारियों ने तोती को एक औरत को बेच दिया। वो औरत जब तोती को लेके अपने घर जाने लगी तो तोता भी उसके पीछे पीछे गया। उस औरत ने तोती का वो पिंजरा अपने बगीचे मे लटका रखा था। तोते को सब मौका मिल गया था तोती को पिंजरे से आजाद करने का।
जब वो औरत अपने घर के अंदर चली जाती है तो तोता चुपचाप तोती के पास जाता है। उसने शिकारियों को पिंजरा खोलते देख रखा था। तो वो पिंजरे का कुंडा अपनी चोंच से पकड़ के खींच देता है। और पिंजरे का दरवाज़ा खुल जाता है और तोती स्वतंत्रत हो जाती है। फिर दोनों तोता तोती एक दूसरे से मिल के खुश हो जाते है। और साथ मे जंगल की ओर उड़ चलते है।
