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Amita Kuchya

Others

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Amita Kuchya

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सरप्राइज़ से भरा जन्मदिन

सरप्राइज़ से भरा जन्मदिन

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आज खुशबु बहुत खुश लग रही थी ,क्योंकि उसका जन्मदिन था। सभी रिश्तेदारों के फोन पर फोन आ रहे थे। और उसने बड़े मन से खाना बनाया। और आशू उसका पति भी उसका बर्थडे अच्छे से मनाना चाहता था। उसने केक भी आर्डर कर लिया था।


केक आते ही खुशबू आशू के साथ केक काटने वाली होती है, तभी बेल बजती है।तो बाहर आशू को गिफ्ट रखा मिलता है।तो आजूबाजू देखता है।तो कोई नहीं दिखता है। उसमें नाम पता कुछ नहीं होता है।वह हक्का बक्का रह जाता है।कि बिना नाम वाला गिफ्ट कौन दे गया।

वह खुशबू से पूछता है कि कोई से बात हुई है। क्या? तब वो कहती नहीं तो•••

मुझे नहीं पता किसने भेजा।


अब फिर ऐसे ही दोबारा बेल बजती है तो दूसरा गिफ्ट मिलता है।अब तो फिर उससे दोबारा पूछता लगता है,तुम्हें गिफ्ट कौन भेज रहा है।वो भी बिना अपना नाम डाले, ऐसा कौन हो सकता है।तब खुशबू कहती हैं - पता नहीं है, कौन हो सकता है। मैं भी शआक्ड हूं। फिर दोनों गिफ्ट खोलकर देखने लगते हैं।


फिर तीसरी बार बेल बजती है, डोर के पास आठ दस गिफ्ट रखें होते हैं।वो दोनों उठाकर अंदर लाते हैं। गिफ्ट में कहीं नेकलेस सेट , कहीं मोबाइल फोन, कहीं डिनर सेट होते हैं।तब वह कहता -" तुम्हारे लिए इतना मेहरबान कौन हो सकता है ,मैं देखूं तो जरा तुम्हारा फोन!!! "


तब खुशबू कहती हैं - "तुम मुझ पर शक कर रहे हो। मुझे क्या मालूम!अगर मालूम होता तो क्या तुम्हें नहीं बताती।"

फिर आशू बोला-" तुम्हारा ऐसा कद्रदान कौन हो गया ,जो‌ गिफ्ट पर गिफ्ट भेजा जा रहा है।लाओ खुशबू फोन तो चेक करु कि कौन -कौन ने तुम्हें विश किया है।"


तब वो रोने लगती है, क्योंकि वो भी नहीं जानती कि कौन ऐसे सरप्राइज़ पर सरप्राइज़ दे रहा है।तभी फिर से डोर बेल बजती है।


अब वह दरवाजे पर बाहर अपार्टमेंट के लोगों को देखकर चौंक जाती है।आप सब एक साथ !!!

तभी सब एक साथ कहते हैं -"सरप्राइज़ •••••

हैप्पी बर्थडे खुशबू तुमने तो बुलाया नहीं पर हम तुम्हें सरप्राइज़ देने आ गये। हमारे गिफ्ट कैसे लगे?"

तभी मिसेज शर्मा बोली -"बेटा तुम हम लोगों का इतना ध्यान रखती हो।हम सबके बर्थडे हो या मैरिज एनिवर्सरी तुम्हें सब याद रहता है , तो फिर हम तुम्हारा बर्थडे कैसे भूल सकते हैं।हम सबने सरप्राइज़ का प्लान बनाया। और इस तरह गिफ्ट दरवाजे पर रखते चले गए।हम लोग का प्लान कैसा लगा? "


तो वह बोली -"आंटी जी हम तो चौंक ही गये। और ये तो परेशान भी हो गये कि कौन ऐसा हो सकता है।"

तब आशू भी कहता है- "आप सबका बहुत- बहुत धन्यवाद पर हमने ऐसी उम्मीद नहीं की थी।"फिर वह सबको अंदर‌ बुलाती है।सब अपने गिफ्ट के बारे में बताते हैं ,और पूछते हैं कि हमारा गिफ्ट कैसा लगा। तब वह कहती हैं सबके गिफ्ट तो बहुत ही अच्छे हैं।पर हम परेशान भी हो गये कि इतने सारे गिफ्ट कौन भेज रहा है।"


फिर आशू भी कहता है कि मैंने भी आप लोग के गिफ्ट देखकर क्या -क्या सोच लिया।बेचारी खुशबू पर शक करके मोबाइल भी चैक करने वाला था। मुझे और खुशबू को बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था।कि ऐसा भी आप लोग का सरप्राइज़ प्लान हो सकता है। और वह खुशबू से कहता है कि मैंने कैसे तुम पर शक कर‌ लिया। मैंने जो तुमसे कहा उसके लिए शर्मिन्दा हूं।इस तरह के शब्द ने मरहम का काम कर दिया किया।ये सुनकर खुशबू कहती हैं -"आशू तुम्हें तो मुझ पर विश्वास करना चाहिए था।पर तुम्हारी जगह कोई और भी होता तो यही कहता है।उसे ऐसा विचार मन में आता।मेरी दुनिया तो तुम से ही है।और वह आशू को माफ कर देती है।


तब सब भी कहने लगते है -हम सब के सरप्राइज़ के कारण तुम लोग भी कितने परेशान हो गए।तुम लोग भी हम लोगों को भी माफ़ कर दो। कभी -कभी सरप्राइज़ से परेशानी हो सकती है ,हम लोग ने सोचा ही नहीं। 

फिर सब कुछ भूलकर खुशबू माफ़ करके वह खुशी -खुशी केक काटने लगती है। और इतने प्यारे‌ गिफ्ट देने के लिए धन्यवाद करती है।


दोस्तों -कभी कभी सरप्राइज़ परेशानी खड़ा कर सकता है। और बहुत से सवाल मन में आ सकते हैं। एक दूसरे के प्रति शक की संभावना बढ़ जाती है।पर आपसी प्रेम और विश्वास हो, और तब माफ़ मांग ली जाए तो कुछ कहे शब्द भी मरहम बन जाते हैं। इसलिए समय और परिस्थिति देखते हुए हमें गलती के लिए माफी मांग लेनी चाहिए। माफ़ करने वाला यदि माफ़ कर दे तो‌ उसका दिल भी बहुत बड़ा होता है।


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