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Pawanesh Thakurathi

Others

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Pawanesh Thakurathi

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स्लो सर्वर

स्लो सर्वर

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मैं उसे पसंद करता था, लेकिन उससे कुछ नहीं पाता था। कुछ खुद की कमज़ोरी, कुछ समाज का भय। उस दिन भी मैं बैंक गया और जाकर लाइन में लग गया। मैंने देखा हमेशा की तरह वह फार्म में भरी अंकना को पढ़ती हुई कार्य करने लगी, लेकिन एक ही व्यक्ति का कार्य करने में दस से पंद्रह मिनट का समय लग जा रहा था। एक व्यक्ति ने पूछा ही लिया-"मैडम, इतना टाइम क्यों लग रहा है ?"

"सर्वर काफी स्लो है। आप लोगों की अच्छी किस्मत है कि चल जा रहा है। बारह बजे तक सर्वर इतना डाउन था कि काम ही नहीं हो रहा था।" उसने जवाब दिया।

"अच्छा।" व्यक्ति ने ऐसा कहकर चुप्पी साध ली।

मेरे मुंह से अनायास ही निकल पड़ा- "सच कह रही हैं आप। सर्वर वाकई में डाउन है। कुछ तो भीड़ का भी असर रहता है।"

सभी का ध्यान मेरी ओर दौड़ गया। उसने भी कनखियों से मेरी ओर देखा और हौले से मुस्कुराई। मुझे लगा कि सर्वर ने स्पीड पकड़ ली है।


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