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Vimla Jain

Others

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मेरी यादगार सफर यात्राएं

मेरी यादगार सफर यात्राएं

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जीवन का सफर भी यह यात्रा ही है जिंदगी में हमको बहुत तरह की यात्रा करनी पड़ती है बचपन में पिताजी के कंधों पर बैठकर के भाई को घोड़ी बनाकर दौड़ते भागते कभी

कभी साइकिल पर टेंपो में बस में और भी बहुत तरह से यात्रा करनी पड़ती है। मैंने तो साइकिल पर भी बहुत यात्राएं करी है।मेरे हिसाब से यात्रा बड़ा अच्छा शब्द है एक जगह से दूसरी जगह जाना घूमना फिरना रहना और मजे करना।नई नई जगह घूमना।मुझे हमेशा बस ट्रेन एयरप्लेन तीनों में से रेलगाड़ी की यात्रा सबसे अच्छी लगती है। 

उसमें बैठना सोना चलना सब सुविधाजनक होता है बशर्ते पहले से रिजर्वेशन है।बहुत सारे लोगों के साथ में अच्छा लगे तो बातें करना।बहुत सारे लोग अंदर बेचने वाले आते हैं उनसे इच्छा हो जो जो लेना, खाना,

ट्रेन की पैंट्री की चाय पीना बहुत अच्छा लगता था। ट्रेन में मिलने वाली दाल खाना नींबू प्याज वाली मजा आ जाता था वैसा स्वाद कहीं नहीं आता। खिड़की वाली जगह लेना वहां से बाहर का दृश्य देखना भागते हुए पेड़ पौधे देखना। जब हम जोधपुर अपनी दोस्त की फैमिली के साथ जाते थे तो दोनों फैमिली के बच्चों में खिड़की पर बैठने पर झगड़ा होता था,तो मेरी माता जी एक एक घंटा सबको बिठा कर के झगड़े को सुलझाया करते।जो आजकल तो कम हो गया है। इसके अलावा रात को घर से निकले छुक छुक छुक छुक चलती रेल गाड़ी सुबह आपको जब गंतव्य स्थल पर पहुंचा देती है ।तो रास्ते का मजा अगर अच्छी तरह बीता हो तो बहुत हजार गुना हो जाता है। अपनों से मिलने का मजा बहुत आता । 


पहले तो हम बहुत ज्यादा ट्रेन में जाया करते थे अब तो बहुत कम हो गया है अब तो समय बचाने के चक्कर में प्लेन सबसे बढ़िया।मगर वह मजा नहीं आता जो ट्रेन में आता ।

मैंने ट्रेन में सफर भारत में भी करा, यूरोप में भी करा, स्विट्जरलैंड में करा, अमेरिका में करा ,मगर मुझे सबसे ज्यादा मजा भारत में ही ट्रेन में सफर करने में आया मुंबई में बीच सफर करने में बहुत मजा आया लंबे लंबे सफर भी बहुत करें।बहुत अच्छा लगा और बहुत यादगार यात्रा करी।एक बार तो हम लोग जोधपुर से वापस जा रहे थे रस्ते में हमारा डिब्बा कट गया था रेगिस्तान में।हमारे पास में पानी भी नहीं था बहुत मुश्किल हुई जो ट्रेन सुबह पहुंचने थी वह उस दिन शाम को स्पेशल ट्रेन द्वारा पहुंचे।

उस दिन हमने बहुत कुछ सीखा कि रास्ते में अपना खाना पानी साथ होना चाहिए। ऐसे ही हाथ हिलाते हुए आते हुए घर से नहीं निकलना चाहिए वह हमारा यादगार मुसीबतों वाला सफर था। 

ट्रेन का सफर जब कामलीघाटसे जाते हैं एक सिरे से पूरा घाट दिखता है और इतना डर लगता है ऐसा लगता है कि अरे हम इतना बड़े घाट से होकर गुजर रहे हैं, इतना पतला रास्ता है कहीं ट्रेन गिर जाती तो।हमने बुश गार्डन में और ऑरलैंडो डिजनीलैंड में ट्रेन से अंदर यात्रा करी बहुत सारे जानवर देखे सफारी देखी बहुत मजा आया, बहुत यादगार रहा।इसी तरह आजकल तो बड़े-बड़े एरोड्रोम में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए अंदर ही शटर रेलगाड़ी होती हैं उसमें जाने में भी मजा आता है। अब तो रेल में बहुत सुधार हो गए हैं तो अब घूमने में और भी मजा आएगा मेरे पापा पैलेस ऑन व्हील में घूमे थे बताते थे कि वह बहुत ही अच्छी ट्रेन थी ऐसा लगता जैसे महल में बैठकर घूम रहे हैं। मेरा भी वह सपना रह गया है कभी जाएंगे।



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