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Amita Kuchya

Children Stories Inspirational

4  

Amita Kuchya

Children Stories Inspirational

मैडम की सीख

मैडम की सीख

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रेनू हमेशा कक्षा में फर्स्ट ही आती थी। वह बहुत मेहनत करके पढ़ती थी।


एक बार की बात है। कि जब कक्षा में टीचर आती तो सब खड़े होकर गुड मॉर्निंग करके गाना गाने जैसे लगते ,फिर टीचर को बड़ी चिढ़ होती।वे कहती कि किसी को शालीनता के साथ विश करते हैं । ऐसे गाना जैसा नहीं गाते। केवल सब बच्चे आदर के लिए खड़े होंगे और केवल क्लास कैप्टन ही गुड मॉर्निंग टीचर कहेगा।


फिर जैसे ही रेनू को लगता कि मैडम आ रही है वह एकदम शांत हो जाती। उसे लगता कि किसी भी बात पर कभी डांट न पड़े।


ऐसे ही दिन गुजरते जा रहे थे। वही टीचर ने उससे कहा कि रेनू तुम गुमशुम क्यों रहती हो?

उन्होंने कहा - कोई बात हो तो बताओ....

अब रेनू ने कहा- मेरे घर में पापा बहुत तेज है। पापा ने भैया को होमवर्क न करने के कारण बहुत डांटा था।

पापा भैया के साथ- साथ दीदी को भी डांटते हैं। मुझे लगता है कि कभी मुझे कभी डांट न पड़े। उस दिन जब आपने सबको डांटा तो मुझे बहुत बुरा लगा।


फिर टीचर ने कहा कि उस दिन मेरा मूड अच्छा नहीं था। इसलिए सबको डांटा था। लेकिन हर चीज की मर्यादा होती है। टीचर हो या कोई बड़े गलती पर ही डांटते हैं । फिर इस तरह रेनू की झिझक दूर हुई ,वह कक्षा में हर सवाल का जवाब भी देने लगी।


एक दिन मैडम जी ने एम. सी. क्यूं .

पूछे तो रेनू हर बार जवाब देने की कोशिश करतीं। 


हर बार मैम- मैम कहती •••


फिर मैडम जी ने समझाया दूसरे बच्चों को भी बोलने का मौका मिलना चाहिए। फिर मैडम जी एक ही सवाल को चार बच्चों से पूछने के बाद रेनू से पूछा ?

तब तो रेनू ने झट से जवाब दिया••••

क्योंकि उसकी आदत थी मैडम के साथ ही वह पूरा कोर्स करके आगे का पाठ भी पढ़ लेती थी।

इसी आदत के कारण उसे हमेशा डिसीप्लिन गर्ल का बैच मिलता था। आज कक्षा में टीचर की चहेती बन गई। और उसने मैडम से सीखा कि जिंदगी में कभी भी हार नहीं मानना चाहिए। और बड़ों की डांट में भी सीख छिपी होती है। उसने यह भी सीखा कि जब अति उतावलापन नहीं दिखाना चाहिए।

इस तरह रेनू ने मैडम की सीख को याद रखा। और अपने जीवन में आज रेनू आगे बढ़ पाई।




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