क्या मैं खुश रहूंगी ?
क्या मैं खुश रहूंगी ?
"यह कोई उम्र है, शादी करने की। समाज क्या कहेगा "... मुझे शादी नहीं करनी बुआ मैं यह फ़ैसला कर चुकी हूं प्रिया अपनी बुआ नीलू से जो कि उसको शादी करने के लिए मनाने आई है।
"पर प्रिया शादी करना जरूरी होता है बेटा क्योंकि शादी बाद दो लोग संपूर्ण हो जाते है" प्रिया की बुआ फिर उसको मनाने की कोशिश की।
"बुआ समाज ने लड़कियों की शादी के लिए एक समय सीमा तय किया है जिसको मैं काफ़ी पहले पर कर चुकी हूं" प्रिया
"पर बेटा अमेरिका वाला यह लड़का तुम्हारे ही उम्र का है मुझे नहीं लगता उससे शादी करने पर लोग या समाज कुछ कहेंगे, प्लस उसका परिवार भी बहुत बढ़िया है उससे शादी करने में क्या हर्ज है तुम्हें एक बार उससे बात करके देखना चाहिए?"
"मैं अपना रास्ता चुन ली हूं और खुली हवा में सांस लेना चाहती हूं शादी ब्याह जैसी फिजूल की बातों के बारे में सोचना ही नहीं चाहती क्योंकि वे दिन बीत गए, बुआ अब तो अटल फ़ैसला ले चुकी हूं मुझे कभी शादी नहीं करनी हरगिज़ नहीं करनी, मैं मम्मी पापा की एकलौती संतान हूं और हमेशा उनको अपने साथ रखकर उनकी देखभाल करूंगी " प्रिया।
प्रिया की बुआ नीलू भी कहां हार मानने वाली है वे फिर प्रिया को समझाई प्रिया शादी बाद एक और परिवार हो जाएगा तुम बात समझने की कोशिश करो जानती हो प्रिया हमें शादी क्यूं करना चाहिए क्योंकि शादी बाद वाला रिश्ता रक्त से नहीं बना होता अनजान परिवार से मिलता है जीवन साथी जिसके बारे में हिंदू धर्म में कहा गया है कि इकलौता रिश्ता होता है जिससे मनुष्य का निर्माण होता है वह सात जन्मों का रिश्ता होता जिसमें उन दोनों का कोई रिश्ता नहीं होता परंतु एक ऐसा रिश्ता जिसमें एक डोर आपस में बांधे रहती है और उस डोर का कोई नाम नहीं होता जो कर्म प्रधान होता है भाव प्रधान होता है।
और आजकल सब कुछ शादी के बाद भी लड़कियां पहले जैसी ही करती है जो वे शादी के पहले करती हैं। आजकल का विवाह किसी को न तो मालिक बनाता है और न किसी का गुलाम।विवाह जिंदगी के सफ़र में साथ देने के लिए एक साथी देता है।
" लेकिन मैं पुरुषों से दूर ही रहना चाहती हूं, आजकल की पढ़ी लिखी स्वतंत्र विचारों वाली हूं ख़ुद काफ़ी ऊंचे ओहदे पर जॉब करती हूं, बुआ आप भी ये क्या बेकार की बाते लेकर बैठ गई मुझे सब पता है इन सब बातों के कारण ही मैं शादी नहीं करना चाहती हूं " प्रिया।
"क्या मतलब मुझे समझाओगी भी या ऐसे ही पहेली बुझाओगी, तुमको पता है भैया भाभी तुम्हारे शादी नहीं करने के तुम्हारे फ़ैसले से कितने दुखी और चिंतित है, मुझे जैसे पता चला तुम कल चली जाओगी जॉब लोकेशन पर तब एक बार तुमको समझाने और तुमसे बात कर शादी के लिए मनाने आई हूं " प्रिया की बुआ
प्रिया जिसके माता पिता उसे आज़ादी दिए पढ़ लिखकर कामयाब होने की जब प्रिया पढ़ाई और ऊंची कामयाबी पाने के लिए लगातार प्रयास कर रही थी तब कभी -कभी उसके मम्मी पापा शादी की बात भी करने की कोशिश करते पर प्रिया अपने मुकाम तक पहुंचने के लिए अपने आप को उसी में झोंक दिया था उसको पाने के अलावा उसे और कुछ नहीं दिखता। जब पूरी तरह सेटल हो गई तब इससे नहीं, यह देखने में ठीक नहीं, इसके पास ड्रेसिंग सेंस नहीं, इस तरह से कई बार मैच नहीं मिलने के कारण तरह -तरह की बहाने बनाती शादी करने से इनकार कर देती।
वो अपना काम खुद करती है और आर्थिक रुप से पूरी तरह आत्मनिर्भर है। वह अपने आप को फिट रखती है, वह योगा करती है, जिम जाती है और मल्टीनेशनल कंपनी में ऊंचे ओहदे पर जॉब करती है, साथ- साथ अपने के मम्मी पापा को संभालने लगी है। और अकेले ही वह मानसिक रुप से बिना शादी किए काफ़ी खुश रहती है। वो अपना जिंदगी अपने ढंग से जीती है। लेकिन उसके माता पिता को उसकी शादी की चिंता सताने लगी है। वे सोचते जब हम दुनिया में नहीं रहेंगे तब बेटी बिल्कुल अकेली हो जाएगी ! तब उसका क्या होगा? कहीं हम गलत तो नहीं जो प्रिया को स्वविलंबी बनने के लिए प्रेरित करते रहे और वह उसे हासिल करने में आगे बढ़ती गई और उसे बाकी कुछ दिखा ही नहीं ?
एक लड़का मिला है जो जान पहचान में है और अमेरिका में बहुत बढ़िया जॉब करता है उन्हें चारों तरफ़ से प्रिया के लिए सही लगा वे प्रिया को मनाने में असफल रहें इसलिए उसकी बुआ नीलू को बुलाए कहीं नीलू की बात प्रिया मान ले क्योंकि नीलू बहुत लोगों की शादी करवाई है नीलू प्रिया को समझाना चाहती है कि शादी क्यूं जरुरी है और प्रिया इस बात पर अड़ी है कि सबकी शादी होनी क्यूं जरुरी है।
बुआ प्रिया को कुदरने लगी कम से कम एक बार उससे फ़ोन करके बात करों तो सही उसका क्या विचार है तुमसे शादी करने के बारे में ?
तब प्रिया बोली, " बुआ मैंने उससे फ़ोन पर पूछा था हमे शादी क्यूं करना चाहिए क्योंकि हम दोनों की शादी की उम्र तो निकल चुकी है वह परिवार बढ़ाने की चाहत रखता है अब इस उम्र में यह संभव नहीं है अगर संभव हो भी तो मेरी चाहत नहीं है अब इस उम्र में ऐसी जिम्मेदारी लेने का मन नहीं है इन बातों के लिए देर हो चुकी है।"
"तुम सिर्फ़ शादी नहीं करने के बहाने बना रही हो इतनी भी कोई तुम्हारी उम्र नहीं निकल चुकी है तुम सिर्फ जिम्मेदारी लेने से घबड़ा रहीं हो और कुछ नहीं " बुआ प्रिया की बातें सुन नाराज़ होती हुई।
"नहीं बुआ मन में एक दुविधा है" प्रिया
"क्या ?" बुआ
"प्यारी बुआ आप नाराज़ मत हो, मैं इस बात की गारंटी लेती हूं कि मैं किसी को खुश रख सकती हूं पर क्या यह गारंटी है कि मैं जितना खुश अभी रहती हूं उतना रह सकती हूं खुश रहने की गारंटी मेरे पास नहीं बस यही मेरी दुविधा है ?"अचानक संजीदा हो कर प्रिया बोली।
अब की चौंकने की बारी थी कितना कष्ट झेलना पड़ा था उनको शादी बाद, बात सही है जो खुद खुश रहेगा वहीं किसी और को खुशी दे सकता है, दुखी आदमी दुख बाटता है, खुश खुशी बाटता है लड़की वाले लड़के का परिवार और नौकरी देखते है और शादी कर अपनी जिम्मेदारी निभा लेते है कभी कोई यह देखने समझने की कोशिश नहीं करते की लड़की खुश भी है या सिर्फ़ रिश्तों को निभा रही है " मेरी दुविधा यह है की क्या मैं शादी बाद खुश रहूंगी |"
बुआ प्रिया की बातें सुन भावविभोर होने लगीं कितनी सच्चाई है प्रिया के बातों में उनके शादी के २५ साल बीत जाने के बाद भी आजतक किसी ने कभी नहीं पूछा, "क्या तुम खुश हो ?"
प्रिया का हाथ पकड़ नीलू अपने भैया भाभी के पास लेकर आई और बोली अगर प्रिया शादी नहीं करना चाहती तो ठीक कर रही है क्योंकि हर किसी का शादी हो यह जरुरी नहीं, जब यह बच्चा पैदा करना नहीं चाहती, किसी पुरूष के साथ रहना या उससे प्यार करना नहीं चाहती, या किसी पुरूष से शादी कर उसको भी किसी तरह से अपने समीप रहने की चाह नहीं करती तो आप दोनों को भी प्रिया के इस फैसले का सम्मान करना चाहिए, उसे वैसे ही रहने दिजिए जैसा वह रहना चाहती है उसकी खुशी के लिए। सुखी और खुश रहने के लिए प्रिया जैसी आत्मनिर्भर लड़कियों के जीवन की बेहतरी के लिए शादी नहीं करने के फ़ैसले को हमें दिल से स्वीकार करते हुए उसके किए फ़ैसले का दिल से स्वागत करना चाहिए और अपना आशीर्वाद देकर उसको उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, प्रिया के जीवन की बेहतरी के लिए यह अधिकार देकर समाज में बदलाव करना चाहिए। प्रिया ख़ुद को प्यार और इज़्जत देती है और वह किसी बंधन में नहीं बंध कर बल्कि बंधन मुक्त होकर रहती है किसी से कोई उम्मीद नहीं रखती है।
लोग और समाज के कुछ कहने से क्या डर वे तो जब शादी नहीं करो तब भी और अगर करो तब भी कुछ न कुछ जरुर कहेंगे।
