Bhawna Kukreti

Others


4.6  

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कोरोना लॉकडाउन-13 (आपबीती)

कोरोना लॉकडाउन-13 (आपबीती)

5 mins 150 5 mins 150

मम्मी जी पूछ रहीं थी की रात बड़ी देर तुम्हारे कमरे की बत्ती जली हुई थी? मम्मी जी की नींद सुबह साढ़े तीन चार बजे खुल जाती है। इन्होंने मम्मी से सहारनपुर में कोरोना पोसिटिव्स की बात बताने को मना किया है, वे आज अपनी तरह से बताएंगे। वैसे भी यहां के अखबारों में सहारनपुर की खबर नहीं आती, और मम्मी जी अब टी वी कम देखती है, कहती हैं " दिन भर नासपीटे कोरोना का ही गाते रहते हैं।"


अब गुड्डी खुलने लगी है, मम्मी जी और वो सुबह खूब बातें कर रहीं थीं। मम्मी जी को शौक है बातें करने का ( मुझे भी है पर मैं सबसे इतनी घनिष्टता से नहीं कर पाती, जिनसे मन मिलता है बस उनसे या फिर जब मन बहुत खुश हो तब, वर्चुअली ) ख़ुश रहती हैं जब कोई उनसे बात करता है।


गुड्डी ने आज सास बहु का चैप्टर शुरू किया है। उसकी बहु लॉक डाउन से पहले दिल्ली गयी थी वहीं फँस गई है। इधर घर और इसकी सांसत है। ये बाहर काम करती थी तो वो घर और परिवार के लोगों को संभालती थी। उसने शायद अपनी बहू की शायद "तारीफ" शुरू कर दी है। उसकी किसी बात पर मम्मी जी उसे कह रही हैं ,आदमी कुछ न भी करे, मीठी बात करे तो भी सहारा रहता है, वो हां सो तो है कहे जा रही है।


मेरी माँ जब अपने इलाज के लिए मेरे पास थीं तो मैं फटाफट काम निपटा कर उनके पास बैठ जाती थी, हम खूब बातें करते थे, एक दूसरे के साथ नई पुरानी बातें करते थे, हँसते भी थे, रोते भी थे। तब मैं सिर्फ गृहणी थी। वो भी कहती थीं कि परिवार में कभी कोई बात बुरी लगे तो उसे उस समय पी जाना पर मुहँ मत फुलाना, समय अपने आप सत्य सामने ले आता है। कहती थीं बात बंद नही करनी चाहिये, धीरज रखना चाहिए ,माहौल को सरल रखने में बहु का बड़ा रोल होता है। एक बार मैंने कहा कि आपने ये सब मुझे तब क्यों नहीं बताया जब मेरी नई नई शादी हुई थी। बोली थीं कि तब उतनी जरूरत नहीं थी फिर तब कहाँ समय रहता था। अब तुम स्थिर हो, परिवार तुम्हारे पास आया जाया करेगा।


बेटे ने एक नया खेल शुरू कर दिया है। किसी भी बात को "एको"(प्रतिध्विन) की तरह कहने का, जैसे दवा लाता है तो कहता है,"दवा.. दवा.. दवा", फिर उसके जवाब में मुझे भी उसी तरह कहना होता है, "ओके.. ओके.. ओके"। चलो ये भी ठीक है जिस भी तरह से उसका मन लगा रहे। असल मे शाम को उसका मन विचलित हो जाता है जब वो बच्चों को खेलता देखता है।


आज फिर नेटवर्क इश्यू है, ये कब से मेरा फोन मिला रहे थे और घर मे भी किसी का नहीं लग नही रहा था, मम्मी जी के फोन की बैटरी डीप्लीट हो रखी थी, बेटे का फोन तो जाने कहाँ पड़ा होगा। अभी मैंने कॉल किया तो सीधा बोले "कहाँ हो यार, सब फोन बंद करके बैठे हो क्या?" बोले, शाम तक कोई कॉल रिसीव नहीं कर पाऊंगा। 4:30 डी एम आवास पर चाय पर जा रहा हूँ, फिर 5 बजे सी एम योगी जी कोरोना, लॉक डाऊन और तैयारियों को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिग करेंगे। मुझे जैसे मोदी जी हैं न वैसे ही योगी जी बहुत अच्छे प्रसाशक की तरह लग रहे हैं। मोदी जी में कुछ सौम्य दृढ़ता दिखती है तो योगी जी में तीक्ष्ण दृढ़ता, मुझे ये दोनों अपनी अपनी दृढ़ता का बहुत अच्छा प्रयोग करते दिखते हैं। साथ ही इन्होंने स्वास्थ्य सेतु ऐप्प का लिंक भी भेजा है, अच्छा है।


मैने इनसे बोर होने की बात कही थी तो इन्होंने कहा कि मोबाइल पर में लाइव tv देख सकती हूँ। और एक एप्प इंस्टाल भी कर दिया तब। तो उस पर ही अब न्यूज़ वगैरह देख ले रही हूँ। पर अब लेटे-लेटे और कोरोना की सुन-सुन कर मेरा भी जी ऊब रहा है। अब बेड रेस्ट के बस दो दिन बाकी हैं, फिर ईश्वर करे डॉक्टर बोल दें कि अब आप दौड़िये भागिए जो मर्जी करिये आप आज़ाद है। इस दौरान बहुत कुछ महसूस हुआ, मायके-ससुराल में कौन मुझे लेकर चिंतित हुआ, किस दोस्त या सहेली ने मेरा बीच-बीच मे हाल-चाल पूछा। इन सब बातों ने दिल पर बहुत असर किया। ये दिन जैसे आँखें खोलने वाले रहे।अब लगता है कि कष्ट आता ही इसलिए है कि आपको अहसास दिलाये कि कौन आपका अपना है और कौन बेगाना। ख़ैर, देर आए दुरुस्त आए ।


अब बेटे जी बहुत खुश हो गए हैं ,मेरे फोन पर आज मेसेंजर में पापा के साथ उसने काफी देर गेम खेला है, ऑन लाइन। मुझे तो पता ही नहीं था की ये ऑप्शन भी है उसमें। सच, एम फॉलिंग इन लव विथ टेक्नोलॉजी...


इनसे बात हुई बता रहे थे कि अभी 150 से ऊपर टेस्ट रिजल्ट बाकी है ।औऱ वहां 6 कोरोना पोसिटिव हो गए है। पर हम लोग घबराएं नहीं। हाँ ,ये भी कह रहे थे कि दारुल उलुम ने तब्लीगी जमात से खुद को अलग बताया है, और काफी मज़म्मत की है। वैसे मेरे साथ की सहेलियाँ औऱ परिचित जो मुस्लिम हैं वो इन सब जाहिलाना हरकतों से दुखी हैं, उन्हें ज्यादा बुरा ये लग रहा है कि इन दुष्टों की वजह से सब पूरे मुस्लिमों पर उंगली उठा रहे। FB पर तो जाने क्या क्या दिखा बता रहे लोग। सच मे सोशल मीडिया पर कुछ अंकुश तो होना ही चाहिये। कम से कम फेक न्यूज़ नही फैलनी चाहिए।


हरिद्वार लाइव का नोटिफिकेशन आया है उत्तराखंड में आज एक भी कोरोना पोसिटिव रिपोर्ट नही है। शुक्र है, ईश्वर करे ये सब रुक जाए ,कोरोना मिट जाए। जिंदगी फिर नार्मल हो जाय। बहुत कुछ बिखर गया है इस से।


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