दाल के तो भाव मत पूछो , अब कहा दाल रोटी की बात गरीब इंसान करे, दाल के भाव तो आसमान से जा मिले है | ... दाल के तो भाव मत पूछो , अब कहा दाल रोटी की बात गरीब इंसान करे, दाल के भाव तो आस...
'नमस्ते गुरूजी।' विभिन्न चालों से चले जा रहे दोपहियों और पैदल यात्रियों के उस सघन झुण्ड के बीच से कि... 'नमस्ते गुरूजी।' विभिन्न चालों से चले जा रहे दोपहियों और पैदल यात्रियों के उस सघ...
दुआ के वक्त समझता है कि खुदा बहुत करीब है और गुनाह के वक्त समझता है कि खुदा बहुत दूर ह दुआ के वक्त समझता है कि खुदा बहुत करीब है और गुनाह के वक्त समझता है कि खुदा बहुत...
जेब को सोखती दोपहर...। जेब को सोखती दोपहर...।
कज़ाक लोककथा अनुवाद: आ. चारुमति रामदास कज़ाक लोककथा अनुवाद: आ. चारुमति रामदास
"मेरी प्यारी मम्मी ;यह हुई न बात। मेरे लिए अच्छे गुण -चरित्र का लड़का ही ढूंढना ." अनामि "मेरी प्यारी मम्मी ;यह हुई न बात। मेरे लिए अच्छे गुण -चरित्र का लड़का ही ढूंढना ....