Win cash rewards worth Rs.45,000. Participate in "A Writing Contest with a TWIST".
Win cash rewards worth Rs.45,000. Participate in "A Writing Contest with a TWIST".

Lakshman Jha

Others


3  

Lakshman Jha

Others


" हमारा पैतरा (व्यंग )"

" हमारा पैतरा (व्यंग )"

3 mins 113 3 mins 113


" आखिर कब तक हम बंदरों की तरह गुलटियाँ मारते रहेंगे ? उम्र का तकाजा है मेरे दोस्त ! 69 के दहलीज को पार कर के 70 में प्रवेश करने वाले हैं " !


हमारे करीब ही बैठे एक मित्र ने कहा --

" जनाब ज़रा धर्मेन्द्र और अभिताभ को देख लें ..अभी तो उनके करीब भी ना आप पहुँच पाए हैं !"


एक दूसरे मित्र ने भी उसका समर्थन करते हुए कहा ,--

" और क्या हड्डियाँ ही तो कमजोर हुईं हैं ..दूर दृष्टि भले कमजोर हो गयी हो ..दाँत नहीं हो ..सर के बचे -खुचे बाल सफेद हो गएँ हों तो क्या ? सबका समाधान आधुनिक युग व्याप्त है !"


आज हमें मुफ्त की सलाह मिल रही थी ! संजय देश विदेश से घूम कर आया था ! उसके अनुभव हमारे काम आने लगे ! उसने भी लगे हाथों हमें नुस्खा बता दिया ,---

" अरे ! एक कमर की पट्टी आती है .कमर में बांधे रहो और कैल्शियम का टॉनिक नियमित लेते रहो ! दूर दृष्टि के लिए नेत्र चिकित्सक से दोनों आखों में लेंस लगबा लो ! डेंटिस्ट से कृतिम दान्तें लगबा लो और बालों के लिए रंग रोगन और शीर्षासन किया करो ! जवानी लौट के आ जाएगी "!


यह दिव्य ज्ञान का असर हमारे अंग अंग में होने लगा !

इसके अलावे लोगों ने कहा ,----

"एक मोबाइल लो ,....लैपटॉप लो ...और .....नयी विधाओं को सीखो ..जमाना बदल रहा है ! फेसबुक को खोलो ..व्हात्सप्प चलाओ ,....विडिओ कॉल करना सीखो !"


इन सुझाबों को भी हमने गले लगाया ! कभी किसी से पूछते थे कभी किसी से पूछते थे ! सबों ने हमें जमके सहयोग किया !और हम एक सफल नौजवान सिध्य होने लगे !


सोशल मीडिया में हमें भी एक चाह जागने लगी कि हम लाइव आने लगें ! हमें भी सब अपनी तालिओं से हौसला अफज़ाई करें ! तरह- तरह के कमेंट और टिप्पणी से हमारा स्वागत करें ! पता नहीं हमने लाखों लाइव प्रस्तुति फेसबुक के रंग मंच पर कर डाले पर टिप्पणी और कमेंट की बात तो दूर रही किसीने लाइक तक नहीं किया !


संजय ने गंभीरता पूर्वक हमें एक पते की बात बताईं ,----

" जब तुम पूंछ रहे हो तो हम निःसकोच तुम्हे बता रहे हैं !

लाइव प्रस्तुति के प्रारंभ में तुम नाटक करने लगते हो !

कभी अपने कमीज को ठीक करते हो तो

कभी अपने बालों को संबारते हो .

अपने चश्मा को ठीक करते हो ..

अपनी भंगिमा के पैतरे में समय बर्बाद कर देते हो .

यह रामलीला नहीं है मेरे दोस्त !

यह जमाना एक्शन का है !

हम तो सोचते हैं कि कितनों ने तो तुम्हे अन फॉलो कर दिया होगा और बहुत सारे तो फ्रेंड लिस्ट से निकल चुके होंगे "!

अब हमें एहसास हुआ कि हम सब चीजों में आगे बढ़ गए पर लाइव प्रस्तुति में हम पीछे रह गए !




Rate this content
Log in