बर्थडे
बर्थडे
नाटक :बर्थडे पार्टी प्रीति शर्मा 'असीम' दृश्य-1 (पर्दा उठता है,घड़ी में 3:30 का समय, घर की लाबी, बर्थडे पार्टी का डेकोरेशन चल रहा है) पात्र : 1.चीनू-10साल का बच्चा,अपने बर्थडे पार्टी में खुश 2.मम्मी(अनु):35 साल की महिला जन्मदिन की तैयारी करती हुई। 3.सुमन(हाऊस हैल्पर):21 साल घर में काम करने वाली महिला 4.दीपू( सुमन का बेटा):5 साल का बच्चा जन्मदिन किसे कहते हैं इस बात से अनभिज्ञ 5. मनी,गुल्लू, चींटू, अभी, वीर(गली के बच्चें) चीनू- (गली से भागा -भागा उत्साह से पूछते हुए) मम्मी डेकोरेशन नहीं हुई अभी तक। अनु:बस हो गई... डेकोरेशन बैलून फूलने और लगाने का काम रह गया है। हैप्पी बर्थडे लगा दिया है। केक ,पिज़्ज़ा, नूडल्स का ऑर्डर दे दिया है वह भी पहुंचता होगा। अनु: (जल्दबाजी में )बैलून में हवा भरने वाला पंप ढूंढते हुए, पता नहीं...... कहां रख दिया है ।और चीनू से पूछती है कि कब तक तेरे दोस्त आ जाएंगे। चीनू : (पांच बजे तक ... कह कर)फिर घर से बाहर भाग जाता है।(जन्मदिन को लेकर बहुत ही उत्सुक था।सुबह से कभी किसी दोस्त के घर कभी किसी दोस्त के घर जाकर उनको शाम की बर्थडे पार्टी के लिए इनविटेशन दे रहा था कि आज शाम को पांच बजे मेरे घर पर पार्टी है ।तुम सब जरूर आना और सब बच्चे उसके साथ टोली बनाकर कभी किसी के घर तो कभी किसी के घर जा रहे थे बर्थडे पार्टी का इनविटेशन देने।) अनु: ( मन ही मन खीझते हुए).....सुमन को अच्छा भला बोला था..... कि कल जल्दी आ जायें... थोड़ी मदद हो जाएगी ।4 बजने को है ....लेकिन अभी तक ना कोई फोन किया ना बताया ।अगर नहीं आना था तो बता देती कि नहीं आना। उसकी वेट करते-करते घर के सारे काम अनु कर चुकी थी तभी डोर बेल बजीं।उसका ध्यान हटा । (अनु भाग कर डोर खोलने जाती है डोर पर डिलीवरी मैन) डोर पर डिलीवरी मैन बर्थडे पार्टी के लिए मंगवाए गए सामान की डिलीवरी देते हुए। केक, पिज़्ज़ा और सब सामान आ चुके थे। फिर एक बार डोर बेल बजती है और खोलने जाने पर एक और पार्सल आता है। अनु: (यह पार्सल एक और केक..... अभी सोच ही रही है कि फोन की घंटी बजती है) अनु :(फोन पर बात करते हुए)- समान पकड़ते हुए उसे मन ही मन कुछ बातें याद आ गई और वह मन ही मन मुस्कुराने लगी (चीनू भी....अपने जन्मदिन से कई महीनों पहले से ही अपने जन्मदिन को याद करके बातें शुरू कर देता कि मैं यह लूंगा अपने जन्मदिन पर मैं यह करूंगा। और जन्मदिन निकलने के बाद भी वह इसी खुशी में रहता कि अब मेरा जन्मदिन इतने महीनों बाद फिर से आयेगा..... अब इतने महीने रह गए....... आज इतने दिन रह गए हैं। और जन्मदिन मनाने के बाद उसी दिन अगले जन्मदिन की तैयारियां करने लग जाता और सबको बताता मैं अपने जन्मदिन पर यह करूंगा और मैं वो करूंगा। और तैयारी करेगी मम्मी.....घर में कई दिनों से शोर मचाया हुआ था कि इस बर्थडे पर मैंने यह वाली डेकोरेशन करनी है। यह वाले बैलून लेने हैं और इस बार वह अपनी पसंद की सारी डेकोरेशन लेकर आया था। केक भी मैंने इस बार फोटो वाला लेना है ।अपनी फोटो वाला .....मैंने सोनू के बर्थडे पार्टी पर देखा था। सब तैयारियां बोल -बोल कर सबको करवा रहा था और बीच-बीच में अपने दोस्तों को घर में बुलाकर दिखा रहा था कि देखो ..... मेरी मम्मी ने कितना सुंदर सजाया है। अनु :(घड़ी की तरफ देखते और जरा तेजी से काम करते हुए) (डोरबेल फिर से बजती है चीनू के सभी दोस्त फिर से एक बार घर पर चक्कर लगाने आते हैं) ( सभी बच्चे चीनू के साथ बहुत खुश थे कि आज पार्टी होगी हमें रिटर्न गिफ्ट मिलेंगे चीनू ने सब को बताया था कि इस पैकेट में सबके लिए रिटर्न गिफ्ट भी रखे हैं । सब बच्चे एक्साइटिड थे कि इन पैकेट्स में .....क्या होगा और कभी घर आते डेकोरेशन देखते खुश हो जाते, खाने की चीजें देखते और कुछ थोड़ा बहुत खा कर फिर चले जाते) अनु :(चीनू को आवाज़ लगाके)अब तैयार हो जा। पांच बजने को थोड़ा ही टाइम रह गया है ।सभी दोस्तों को कह दिया है वह पांच बजे आ जाएंगे । यह कह कर.....चीनू अपने कमरे की तरफ तैयार होने के लिए भागता हुआ चला गया । दृश्य-2 तभी फोन की घंटी बजती है....... घर में काम करने वाली सुमन का फोन था। फोन उठाते हुए (अनु को गुस्सा तो बहुत आ रहा था लेकिन अपना गुस्सा मन में ही रख सुमन से बात करते हुए ) सुमन :दीदी मैं आज नहीं आ पाऊंगी ।आज सुबह जब मैं आपके घर काम के लिए करने के लिए तो दीपू की तबीयत अचानक खराब हो गई । डॉक्टर के पास सुबह लेकर गई तो उसने अस्पताल में दवाई देकर ऑब्जरवेशन में रख लिया इसलिए आपको सुबह फोन नहीं कर पाई क्योंकि फोन लेकर जाना भूल गई ।अब घर पहुंची हूँ तो आपको फोन कर रही हूँ । अनु ने पूछा -अब कैसा है दीपू सुमन- अब ठीक है । अनु-तो ठीक है, थोड़ी देर के लिए तू आ जाना इतना टाइम नहीं लगाऊंगी आधा घंटा मेरे साथ थोड़ा निपटा जाना बच्चों की पार्टी के बाद। तुझे जल्द ही भेज दूंगी सुमन: ठीक है दीदी मैं आ जाती हूँ। ।।।।दृश्य3 (थोड़ी देर बाद पांच बजते ही चीनू के सभी दोस्त इकट्ठा हुए। सभी ने धूमधाम से चीनू का बर्थडे सेलिब्रेट किया खूब मस्ती की ,गुब्बारे फोड़े, डांस किया और रिटर्न गिफ्ट लेकर सभी बच्चे अपने- अपने घरों को चले गए ) दृश्य-4 अनु -ने(कमरे में बिखरी प्लेटों को इकट्ठा करते)....तभी कोई 6:00 बजे के करीब सुमन भी अपने बच्चे को दवाई करवा कर लौटते हुए .... घर पर आ गई। सुमन : जी.... दीदी.... अनु( दीपू से)....कैसा है अब..... मुस्कुराकर सर हिला देता है। अनु सुमन से : इसको यहां बिठा दो और तू मेरे साथ थोड़ा -सा सामान समेट दें बाकी कल कर लेंगे। यह कहकर सुमन के साथ काम करने लगी । (चीनू अपने दोस्तों को छोड़कर घर के अंदर दाखिल हुआ) चीनू दीपू से - ( दीपू को देखा और बोला क्या हुआ) .....दीपू ।तू आज क्यों नहीं आया था मेरे बर्थडे पर। दीपू: (ने कहा) कि मेरी तबीयत ठीक नहीं थी ।मैं दवाई लेकर अभी आया हूं ।दीपू घर में लगे बैलून को देखकर बहुत खुश हो रहा था उसे सजा हुआ कमरा बड़ा अच्छा लग रहा था बड़ी मुश्किल से उसने अपनी मां से कहा मुझे भी एक बैलून चाहिए लेकिन उसकी दबी हुई आवाज़ को सुमन ने और दबा दिया और अपने काम में लग गई ।लेकिन चीनू ने उसकी आवाज सुन ली और एक बैलून लाकर उसको दिया। दृश्य-5 चीनू ने दीपू से ( पूछा ):तुम्हारा जन्मदिन कब आता है । अभी 5 साल का भी नहीं हुआ था मुझे नहीं पता कब आता है ।यह क्या होता है ।बर्थडे मतलब जन्मदिन जिस दिन तुम पैदा हुए होंगे जैसे आज मैं पैदा हुआ आज मेरा बर्थडे है। चीनू ने बड़े होने के नाते उसको समझाया जन्मदिन का अर्थ। दीपू : (कुछ सोच कर)..........हां ....कुछ ऐसा ही मां कह रही थी कि आज तेरा जन्मदिन है और तू बीमार हो गया है ।मेरा भी आज ही जन्मदिन है मां ने सुबह मुझे कहा था । चीनू : (बड़ी उत्सुकता और खुशी से चीनू भागता- भागता मां के पास आकर बोला) ........मम्मी आज दीपू का भी बर्थडे है । अनु : (सुमन को देखा और बोला )दीपू का बर्थडे भी आज है.. .... तूने बताया क्यों नहीं हमें । सुमन: दीदी ऐसी बात नहीं है...... हम क्या बराबरी कर सकते हैं ।अगर इसको यह सब बताएंगे तो हमारे लिए मुश्किल हो जाएगी ।हम कहां से इतनी सारी चीजें इस के कहने पर ला पाएंगे । चीनू : (पीछे खड़ा मां और सुमन आंटी की बातें सुनते हुए) । ( कभी -कभार चीनू के घर दीपू को ले आती थी )।दीपू को भी उसके साथ खेलना अच्छा लगता था ।चीनू नहीं जानता था कि जैसे उसने अपने बर्थडे पर हर चीज कहकर के करवाई है। दीपू ऐसा नहीं कर सकता। दृश्य-5 अनु और सुमन ने सारा कमरा समेट लिया था तभी उसने कुछ खिलौने और मिठाईयां डालकर सुमन को दी कि यह दीपू के लिए है ।जैसे ही दोनों जाने लगे तभी चीनू ने आवाज़ लगाई । चीनू :रुको ......दीपू !!!!!रुको आंटी......!!!! उसकी आवाज सुनकर। सुमन और दीपू ने पीछे मुड़कर देखा ।चीनू एक बड़ा -सा डिब्बा उठा कर ला रहा था ।उसने अनु से कहा मां आज मेरे बर्थडे पर पापा और मामू दोनों केक ले आए और मेरे पास तो दो हो गए और एक मैंने दोस्तों के साथ काट भी लिया। तो यह केक दीपू को दे दो क्योंकि इसने अपने बर्थडे पर केक नहीं काटा है । चीनू (केक देते हुए)ने आगे बढ़कर दीपू को केक दिया और कहा कि यह तेरा बर्थडे गिफ्ट है। और तेरा मेरा बर्थडे एक दिन ही आता है अगली बार हम दोनों इकट्ठे केक काटेंगे। परिवार के सभी लोग चीनू की बात और उसकी मासूमियत भरी संवेदना को महसूस कर गर्व कर रहे थे कि दस साल के बच्चे ने बड़ों से भी ज्यादा समझदारी दिखाई है।
