अद्भुत सपना
अद्भुत सपना
कुछ दिनों से अमित को अजीब अजीब सपने आ रहे थे, फिर अचानक उनकी नींद खुल जाती। वह सोचते रहता कि आखिर उन्हें ऐसे सपनें क्यों आते हैं? सुबह उसने अपनी पत्नी प्राची को सारी बात बताई। प्राची बोली सपने तो सपने होते हैं परेशान मत होइए।
अमित ऑफिस चला गया ,रास्ते में उसे बिल्कुल वैसा ही व्यक्ति दिखाई दिया जिसे वह सपने में देखा था। ऑफिस में अपने मित्रों के साथ उसने इस बात की चर्चा की , सभी लोग आश्चर्यचकित हो गए।आज सपने में उसे एक तांत्रिक जैसा कोई पुरुष दिखाई दिया जिसके हाथ में एक चमचमाती छड़ी थी, उसने वह छड़ी अमित को देना चाहा, "ले लो यह दिव्य छड़ी और अपने सारे सपने, सारी इच्छाएँ पूरी कर लो। पर बदले में तुम्हें मेरा एक काम करना पड़ेगा।"
"अमित ने पूछा क्या काम?"
उस तांत्रिक ने कहा "अपना बेटा मुझे दे दो।"
अमित ने साफ मना कर दिया।तांत्रिक गुस्सा होकर वहाँ से चला गया।अपने आवास स्थान में जाकर उसने अपनी छड़ी से आग जलाई और उसमें एक बड़े से घड़े में पानी रखकर मंत्र बोलने लगा।
वह अमित के बेटे को उससे छीनना चाह रहा था ,इसीलिए तंत्र मंत्र साधना कर रहा था।उसकी छड़ी आग में गिरकर भस्म हो गई और अमित की नींद खुल गई।

