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प्रकृति संरक्षण 31dayswritingchallenge बंधन सुख-दुख में समभाव गरल-पीयूष एक सागर से सद्बुद्धि और सद्वृत्ति दे दो भरोसा प्रभु पर भटक सकूं न वृक्षारोपण वसुधैव कुटुंबकम् करें शुभ कर्म उन्मुक्त गगन हिस्सेदारी हिन्दीकविता सत्पथ सद्व्यवहार विचित्र सृष्टि अमर भाव जीवन रक्षण प्रभु पर श्रद्धा

Hindi सद्वृत्ति Poems