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करें शुभ कर्म प्रकृति संरक्षण भटक सकूं न बंधन hindikavita विचित्र सृष्टि सद्बुद्धि और सद्वृत्ति दे दो वसुधैव कुटुंबकम् हिस्सेदारी प्रफुल्लित सत्पथ गरल-पीयूष एक सागर से जीवन रक्षण हिन्दीकविता प्रभु पर श्रद्धा उन्मुक्त गगन सद्व्यवहार अमर भाव भरोसा प्रभु पर वृक्षारोपण

Hindi सद्वृत्ति Poems