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hindi kavita रंग वो और मैं प्रेम का बैगनी वहीं ज़मीन कविता वहीं शाम वहीं सुबह आपसी तमन्ना होता है सुकून मिलता हैं सब कुछ वहीं ईद-दिवाली आज साथ मना लें! जब तक थी धारा 370 सुबह रात हिंदीकविता हम और वो आज उन शहीदों की मजारों पर वहीं खरीद सकता

Hindi वहीं Poems