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इन्सानियत अमूल्य प्रभु का उपहार वरदान दुनिया प्रेम सेवा मां सुख पुतला आँचल सदा सुरक्षित खिलौना रिश्ता सदा नि:स्वार्थ दांव पर निज जान भाव मातृ का नाता 31writingprompts hindikavita प्यार कभी न उऋण

Hindi नि:स्वार्थ Poems