हाइकू... तीन पंक्ती की कविता, पढिए क्या कह रही है सह... हाइकू... तीन पंक्ती की कविता, पढिए क्या कह रही है सह...
जिनके पास ओढ़ने को नीलांबर और बिछाने को धरा के सिवा कुछ भी तो नहीं है। जिनके पास ओढ़ने को नीलांबर और बिछाने को धरा के सिवा कुछ भी तो नहीं है।