STORYMIRROR

वापिस कब आओगे रौशनी सुशांत तुम बहुत याद आओगे आसमान तेरा न होना घर सूना है तेरे बिना आखिर क्यों चली गई अलविदा आख़िरी मूलाकात कहा चले गये तुम अग्नि कभी ना मिलने ज़वाब साथी घाट पंथी तुम बहुत याद आओगे तुमने तुम याद आओगे। कब सब टूट सा गया

Hindi आओगे Poems