STORYMIRROR

Shalinee Pankaj

Others

3  

Shalinee Pankaj

Others

ये दोस्ती

ये दोस्ती

1 min
224

अगाध प्रेम

निश्वार्थ रिश्ता होता है

ना रक्तसंबंध

फिर भी दिल से जुड़ा लगता है

कभी शुभचिंतक

कभी गुरु सा प्रेरक

फ़िक्र मात-पिता सी

भाई बहन से नहीं कम

दोस्ती रिश्ता ऐसा होता है

ना शर्त ना समर्पण

ना निभाने की मजबूरी

कितना भी दूर रहे

ना दिलो की दूरी

जज्बात बह जाते है

नीर भी छलक जाते है

बिछड़े दोस्त जब मिल जाते है

ना कोई शिकवा

ना कोई शिकायत

बस मिल बैठ

कुछ पल बचपन को जी जाते है

दिल से दुआ निकल जाती है

जब वो तकलीफ में हो.....

हाँ गमो की धूप में

ठण्डी छाँव बन जाते है

और मायूसी के ठंड में

गुनगुनी धूप बन जाते है

है जिंदगी में इतने ख़ास

की हम दिल से उनसे रिश्ता निभाते है

कभी लड़ते झगड़ते भी है

बचपन वाली तू तू मैं मैं भी करते है

जो भी जैसी भी है

बात कर के बचपन की यादें

कुछ चलचित्र से घुमड़ जाते है

कुछ पल को ही सही

हम बचपन को जी जाते है

यार तू कही भी रहे

सलामत रहे ये याराना

दोस्ती बस दिल से निभाना


Rate this content
Log in