STORYMIRROR

shahab uddin

Others

4  

shahab uddin

Others

यादें

यादें

1 min
229

और इक मौसमे बहार गया

दिल गया था ही क़रार गया


आदमी का सफ़र हुआ पूरा

जाते जाते कोई पुकार गया


छोड़ कर फिर ख़्याल जन्नत का

 कोई और कूए यार गया


दिल नशीं था आदावर वो था

जैसे लाखों दिलों का प्यार गया


चांद आग़ोश़ में चमकते हुए

चांदनी साथ में हिसार गया


ऐसे जाता भी है भला कोई

जैसे वो दीवाना वार। गया


शाह ऋषि था सुनहरी यादों में

अपना सब कुछ यहीं पे वार गया


अभिनेता Rishi_Kapoor_ji की

स्मृति में...


डूब जाते हो तुम कहानी में

अब तो क़िरदार से निकल आओ


हम दोबारा करेंगे इसको फिर

जामे मुरदार से निकल आओ


बोलती हैं निगाहें  तेरी  तो

जाने रुख़्सार से निकल आओ


इतना आसान भी नहीं एहसास

सुर्ख़ ‌ अम्बार से निकल आओ


तालियां मुन्तज़र हैं सच में अब

मौत के प्यार से निकल आओ


बस करो भी ये अपना पागलपन

अपने शाहकार से निकल आओ


 अस्ल की तर ह करो ना तुम

शाह मीआर से निकल आओ


अभिनेता Irrfan की स्मृति में...


दिल दुखा है चलो माना मैंने

रूठ कर ऐसे कोई जाता है


ज़िन्दगी मान भी लो यारों तुम

ज़िन्दगी जिसको कहा जाता है


यूं मुनासिब नहीं छोड़ के जाना भी

दर्द ताउम्र सहा जाता है


यार रो लेते कभी तुम यूं ही

दर्द रो लो तो चला जाता है


तन्हे तन्हा नहीं बनती दुनिया

इसकी ख़ातिर तो सहा जाता है


जाने फ़ानी ए जहां के बदले

आदमी जाने कहां जाता है


 शाह कब इतनी बड़ी है दुनिया

इसकी ख़ातिर न मिटा जाता है


अभिनेता Sushant Singh Rajput की

स्मृति में...



Rate this content
Log in