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Garima Kanskar

Others

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Garima Kanskar

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यादे याद आती है

यादे याद आती है

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बेबी के गर्भ में आने से ही

बिना ये जाने

कि वो बेटा है

या बेटी है

दिल कितने ख्वाब संजो लेता है,

उसका नाम भी सोच लेता है,

सारी दुनिया हमारे सामने होती है।

बच्चे ने तो

आँखे भी नहीं खोली

इस जग में

फिर भी माँ और बेबी में

मन की आँखों से

देखने वाला खूबसूरत सा

रिश्ता बन जाता है,

जिसे समझने के लिए

एहसास की जरूरत है

जो हर किसी के पास नहीं।

बेबी जब इस दुनियाँ में आता है

और जैसे बड़ा होता है

अपने पीछे ढेरों

यादें छोड़ते जाता है जो

हर पल कभी खुशी की

यादें होती हैं

जो आँखों को

चमक के साथ भिगो देती हैं।

कभी दर्द की यादें होती हैं

जो आँखों मे दर्द के आँसू

दे देती हैं।

बेबी माँ की आँखों से कितना

भी दूर रहे

बेबी के मन का हाल

जानने के लिए फोन की नहीं

माँ के दिल की जरूरत होती है।

ये बात भी आजकल को

व्यस्त जीवनशैली में

यादें ही बताती हैं

सच मे यादें आती हैं

जिंदगी को जीने की वजह दे जाती हैं।



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