वसंत ऋतु का आगमन
वसंत ऋतु का आगमन
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7-2-2020 "वसंत ऋतु का आगमन" खिले अध-खिले फूल महका रहे हैं, चमन में महक खूब बहका रहे हैं। जतन सींच मैं खाद्द पानी पटायी, वही बाग बेखौफ चहका रहे हैं। लगी देख मंजर कहीं आम छोटे, कि खलिहान भी आज भटका रहे हैं। रखो पांव हल्का कि क्यारी बहुत है, कदम मत कुचल नींद भटका रहे हैं। करो कर्म जैसा पलट वो मिलेगा, मुसीबत समझ दूर झटका रहे हैं। ........
