STORYMIRROR

Vijay Kumar parashar "साखी"

Others

2  

Vijay Kumar parashar "साखी"

Others

वो जवाब

वो जवाब

1 min
175

वो जवाब तुम्हें ख़ुद ही ढूंढना है

आबो हवा से ही वो आदाब ढूंढना है,

तुझे विजय अवश्य ही मिलेगी साखी,

तुम्हे शोले से ही शबनम को ढूंढना है,

पाता वही है,आलस्य जो खोता है

रोता वही है, आलस्य को ढोता है,

तुझे कठोर कर्म से सफ़लता को,

अपनी जीवनसंगिनी करना है,

तेरा अक्स तुझमें है,

तेरी रूह ही है वो आईना,साखी

वो देखेगी 

तू कितना गहरे पानी में है,

तुझे वो जवाब ए ख़ास 

खुद में ही तलाश करना है।



Rate this content
Log in