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आचार्य आशीष पाण्डेय

Others

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आचार्य आशीष पाण्डेय

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वो दीवानी

वो दीवानी

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मांग सिंदूर जिस क्षण भरायी थी वो 

मांग से रक्त मेरे निकलने लगा

एक एक पग बढ़ा फेरे लेने लगी

गात्र घुटनों पे आकर बहकने लगा।।



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