विरह
विरह
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धड़कने मेरे दिल की कहती है
उससे रोज़ एक नयी कहानी।
कृष्णा की हो गयी
जैसे मीरा दीवानी।
लोग कहते हैं रोग लग गया था,
उस मीरा दीवानी को जोग लग् गया था।
अठखेलियां करता मेरा मन,
तुमसे जुड़ गया था।
अब ये प्रीत की जोगन मंदिर सँवारे ,
विरह में जलती सीता बस राम ही को पुकारे।
