तय ना कर सके हम
तय ना कर सके हम
1 min
232
तय ना कर सके हम कौन अपने कौन पराये
जीवन की इस जंग में कौन कहाँ कैसे हराये
हर मोड़ पर सोचते थे अपने थाम लेंगे हाथ
बेझिझक देंगे हमें हर मुश्किल में साथ
पर अपनों ने कभी भी नहीं सोचा हमें अपना
छोड़ दिया अकेला राह पर लगे जैसे कोई सपना
गुजरे हुए पल याद करके आता है अब रोना
छोड़ा जरूर आंचल मगर जँचता नहीं अपनों को खोना
