तुम बिन
तुम बिन
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क्या अहसास कभी दिल के,
यूं मुनासिफ हो सकते हैं,
बदल गया हर मंजर यहां,
क्या वो इतने मजबूर हो सकते हैं,
जरा कभी कह देते हमसे,
हम बिन मसरूफ भी हो सकते है
पल दो पल को ही सही,
शायद हम तुम बिन भी रह सकते हैं।
