सुनो माँ
सुनो माँ
मुझ को सुनती हो क्या माँ ?
मैं गर्भ से बोल रही हूँ माँ
कुछ बात मुझे समझाने दो
मुझ को दुनिया में आने दो।।
दीदी का खिलौना दे देना
मैं तुमसे नया न मांगूंगी।
दीदी का बिछौना दे देना,
मैं कभी नहीं 'न' बोलूंगी।
ये जीवन है मेरा अपना,
ये बात मुझे समझाने दो
मुझ को दुनिया में आने दो।।
ये चाँद सितारे हैं कैसे
पृथ्वी के नज़ारे हैं कैसे,
उड़ते पंछी नभ में कैसे
बहती नदिया कल-कल कैसे।
ऊँचे पर्वत, गहरा सागर
इक बार नज़ारा पाने दो,
मुझ को दुनिया में आने दो।।
तुम को माँ ने प्यार से पाला
तुम ये कैसे भूल गयी
मैं तेरी काया का हिस्सा,
मुझसे माँ क्या भूल हुई ?
मैं भी जीना चाहती हूँ माँ,
मुझ को ये बतलाने दो
मुझ को दुनिया में आने दो।।
जीवन दे और विद्या दे दे
रोशन तेरा नाम करुँगी।
सुख दुःख की छाया बनकर
हरदम तेरे संग चलूंगी।
जीवन मृत्यु काम प्रभु का
मुझ को ये बात बताने दो,
मुझ को दुनिया में आने दो,
मुझ को दुनिया में आने दो।
